• Existence
    • Perception
    • Cosmos
    • Destiny
    • Totality

Beyond Mind

Search

Whoz Online

We have 56 guests and no members online

Interesting

Print

महापुरुषत्व खोजता एक बेचैन फ़कीर

     
   
     

यह बहुत अधिक रहस्य नहीं है कि महापुरुषत्व क्या होता है? इतिहास और समाज इसे समय समय पर खोजते और गढ़ते रहते हैं। इस महापुरुषत्व का दायरा बहुत विस्तृत रहा है जिसमें महात्मा बुद्ध से लेकर बाबू राजेन्द्र प्रसाद, आर्यभट से लेकर महात्मा गाँधी और शिवाजी से लेकर सी वी रमण तक सब समा जाते हैं। देशकाल की परीक्षा में खरा उतरने पर स्वयँ इतिहास उन्हें यह विरुद सौंप देता है।

अपनी जिद के आधार पर यह महापुरुषत्व कभी नहीं छीना जा सकता है। न लालू यादव ऐसा कर पाए और न ही अरविन्द केजरीवाल इसमें सफल होते दिख रहे हैं। आज की विचार मीमाँसा में देखते हैं कि क्या कोई अन्य ऐसा कर सकेगा?

अन्ना हजारे रालेगण सिद्दी में महाराष्ट्र में धरने दिया करते थे। उनके शब्दों में वे आन्दोलन किया करते थे। उनका दावा है कि उन्होंने भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए बहुत काम किया है और इसलिए अब वे उस पंक्ति में शामिल हो गए हैं जिसमें महापुरुषत्व मिलता है। उनका आग्रह है कि अब उन्हें भी महापुरुषत्व दे दिया जाना चाहिए। पिछले दिनों उन्होंने “साड्डा हक़ एत्थे रख” के अन्दाज़ में यह भी दिखाने की कोशिश की है कि यदि समाज उन्हें महापुरुषत्व नहीं देता है तो वे इसे बलपूर्वक ले लेने का दम भी रखते हैं।

आओ विवेचन करें।

Print

भ्रष्टाचारण – ये कौन बोला

English Version "Who Says - Corruption"

दिल्ली में आजकल हरकोई भ्रष्टाचार की बात कर रहा है। अनके लोग भ्रष्टाचार की बात कर रहे हैं और कुछ और ज्यादा लोग भ्रष्टाचार उन्मूलन की बात कर रहे हैं। हरकोई चर्चा में भाग लिए जा रहा है। भ्रष्टाचार उन्मूलन जैसे नया नारा बन गया हो। भिन्न भिन्न लोग भिन्न भिन्न बातें कर रहे हैं।

     
   
     

जहाँ कहीं भी सँसाधन की उपलब्धता माँगने वालों से कम होती है और उन कम सँसाधनों का बँटवारा स्वयँ एक समस्या बन जाती है वहाँ इस बँटवारा समस्या को भ्रष्टाचार के नियमों से हल किया जाता है।

  • जब राशन कम हो और राशन कार्ड अधिक हों और उद्देश्य राशन पाना हो
  • जब लाईन लंबी हो और आपके पास समय कम हो और उद्देश्य काऊँटर पर पहुँचना हो
  • जब सीटें कम हों और एडमिशन चाहने वाले ज्यादा हों और उद्देश्य एडमिशन पाना हो

ऐसे अनेक दृष्टाँत हो सकते हैं। समस्या कैसे सुलझाई जाए? इन सब बातों में एक मात्र उपाय अपने स्थान को सुरक्षित करना होता है।

Print

Who Says - Corruption

इसका हिंदी रूप "भ्रष्टाचारण – ये कौन बोला"

In Delhi, these days the hot topic is corruption. A lot of people are talking about corruption, and still a lot more are talking about eliminating corruption. All and everyone are participating. Removing corruption has become a slogan of the day. Diverse views are being expressed about it.

     
   
     

Where the contenders are more than the resources available and the distribution of those meagre resources poses a problem, that problem is solved by the rules of corruption. 

  • The Ration is limited and the ration cards are more. The objective is to secure ration;
  • The queue is long and the time at your disposal is less. The objective is to get to the counter;
  • The seats are limited and the admission seekers are abundant. The objective is get an admission

The instances may be many more. How to solve the problem? The only way in these circumstances is to get a privileged place. 

Print

एक आवत एक जात

कबीर के दो दोहे हैं

पतझड़ आ गया है। पत्ते झड़ने लगे हैं। नीचे गिरते हुए पत्ते बहुत डिप्रैस्ड फ़ील कर रहे हैं। एक पत्ता आखिरकार कह ही उठता है

पत्ता बोला पेड़ से सुनो वृक्ष बनिराइ

अबके बिछड़े ना मिलैं दूर पड़ेंगे जाइ।।

सनातन वृक्ष के लिए पत्तों का आना जाना उतना सीमित अनुभव नहीं है। वह अनेक पतझड़ और वसन्त देख चुका है। वह इस निरन्तरता को पहचानता है। वृक्ष ने उत्तर दिया

वृक्ष बोला पात से सुन पत्ते मेरी बात

इस घर की यह रीत है एक आवत एक जात।।

अतः यहाँ से इति AAP कथा - राजकुमार केजरी

     
   
     

भारतीय राजनीति को गौर से देखने वाले जानते हैं कि राज्यों का भारत में विलय, चीनी आक्रमण, नेहरू-निधन, कामराज प्लान, कांग्रेसी सिंडिकेट, संविद सरकारें और इंदिरा का उदय भारतीय राजनीति के मील के पत्थर तो हैं लेकिन युगाँतरकारी घटनाएँ नहीं है। इन घटनाओं पर भारतीय इतिहास ने करवटें तो बदली परन्तु राजनीति की धमनियों में वही खून दौड़ा किया।

लेकिन सन् पिच्छत्तर की इमरजैंसी ने जैसे पिछले पाँच हजार साल से सोते भारत को झकझोर दिया था। विपक्ष ने इमरजैंसी की अ-लोकताँत्रिक छवि की बहुत आलोचना की है। काँग्रेस ने उस निर्णय का बचाव किया है। इस राजनीतिक प्रशँसा-आलोचना से परे उस इमरजैंसी ने भारत के जनमानस को सोते से जगाया था। जागने पर जनता ने अँगड़ाई ली और अँगड़ाई लेते लेते 1977 आ गया था। तब भारत की उस निरीह जनता ने जो पाठ महात्मा गाँधी से पढ़ा था उसे दोहरा दिया। एक स्थापित साम्राज्य 1947 में चूर हुआ था दूसरा तीस बरस बाद 1977 में हो गया। वह भारतीय संदर्भों में हुई एक रक्तहीन रूसी क्राँति थी। तत्कालीन लेखों में लिखा गया कि 60 बरसों के बाद रूसी क्राँति भारत में घटित हो गई थी। परन्तु यह इतनी भर ना थी। रूसी क्राँति एक दिशा में चलने वाली रेल थी तो भारतीय क्राँति उससे अधिक व्यापक और गहन अर्थों वाली थी। इसके ये अर्थ और व्यापकता आने वाले वर्षों में साबित हुए। इसलिए भारत के राजनीतिक इतिहास को लिखते समय 1975 का साल बिना किसी हानि के एक रेफरैंस प्वाइँट के रूप में लिया जा सकता है। यहाँ इस लेख में समय की गणना साल 75 से ही की गई है।

Print

Now What Next

Pratap

     
   
     

 

Everything keeps changes. After one stage the second one comes on. Those who take birth their next is to grow old. Those who grow their next, is to learn fighting against others. Those who are learnt their next, is to survive over others. Everyone one keeps preparing for this ‘next’ in their cycle.

Has anyone been able to reach this next? We have no answer. Has anyone been able to know this next? We have no answer. Has anyone been able to understand this next? We have no answer. Has anyone ever met anyone else who could attain this next? We have no answer. Can this next be ever attained? We have no answer?

You know nothing about this next? But still you are busy for this next.

Print

Do Attractive Women Always Get the Man?

It's a dating myth that the more physically attractive you are to a man, the more a man will want you in his life. THE REAL TRUTH IS;

The less you care about how physically attractive you are to a man, the more a man will want you in his life.


How much does the way you look matter to you? Do you want to make men crazy with desire for you? Your appearance may initially attract a man to you, but it won't guarantee he'll stick around. There are many beautiful, single women who aren't in a relationship and find it difficult to find a man who wants to commit to them exclusively, and the reason is this: 

Men are attracted emotionally to women who do not care how physically attractive a man thinks they look

Women who need attention and praise from a man to feel beautiful are women men do not pursue for anything other than sexual fulfillment. So why then, do men seem so obsessed with how attractive a woman is and stare at attractive women all the time? 

Light in Life YouTube Videos

YOU MAY VISIT ALL THE VIDEOS OF PRATAP SHREE HERE

TOP