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Astrology ज्योतिष

Jyotish Astrology for your Success

मुझे अनेक अनुरोध प्राप्त हुए कि मैं ज्योतिष पर कुछ चर्चा करूँ। इसलिये आज की चर्चा ज्योतिष को समर्पित है। आज हम कुछ आधारभूत बातों की जिज्ञासा करेंगे और अगले अंकों मे ज्योतिष के कुछ गहरे बिन्दुओं पर अपना ध्यान केन्द्रित करेंगे। आज हम जानेंगे कि ज्योतिष क्या है?

मनुष्य स्वभाव से जिज्ञासु है। भविष्य को जान लेने की और उन कारणों को भी जान लेने की जो आपके भविष्य को निर्धारित करते हैं मनुष्य में बहुत गहरी चाह है। मनुष्य यह जानना चाहता है कि उसे वर्तमान में जो सुख या दुख प्राप्त हैं वे उसे क्यों मिले हैं और वह क्या ऐसा करे कि अपने भविष्य को और बेहतर सवाँर सके। इसके लिए उसके सामने भाग्य और कर्म का प्रश्न आता है। ज्योतिष आपके भाग्य और आपके कर्मों के बीच सम्बंधों का विज्ञान है। आपके कौन से कर्म पहले से आपके भाग्य को तय करके लाए हैं और आप अपने किन कर्मों की सहायता से उस भाग्य में परिवर्तन कर पाएँगे। आपके भाग्य और आपके कर्म में से कौन अधिक बलवान है ? क्या आप अपने कर्म द्वारा अपने भाग्य की पुनर्रचना कर सकते हैं ? या आपका भाग्य पहले से नियत है ? और उसमें कुछ परिवर्तन नहीं किया जा सकता ?

एक शिष्य ने गुरू से पूछा कि कर्म और भाग्य में हम कितने स्वतंत्र हैं? गुरू ने शिष्य से एक पैर उठाने के लिये कहा। शिष्य ने बाँया पैर उठा लिया। अब गुरू ने शिष्य से दूसरा पैर उठाने के लिए भी कहा। शिष्य ऐसा ना कर सका। उसने कहा कि यह संभव नहीं है। गुरू ने बताया कि कोई भी एक पैर उठाने तक वह स्वतंत्र था। दाँया या बाँया कोई भी पैर उठाया जा सकता था। लेकिन एक बार पैर उठ जाने के बाद शेष सब बंधन में आ गया। अब दूसरा पैर ना उठाया जा सकेगा। पहले पैर का चयन करना आपका कर्म है। पैर के चुनाव में आप स्वतंत्र हैं। पर इसे कर चुकने के बाद सब नियत हो जाता है। दूसरा पैर ना उठा सकना आपका भाग्य है। उससे आप बंध गये हैं। लेकिन यह यह एक पैर उठाना हर घड़ी उपलब्ध है। बस यही जान लेना होगा कि कौन सा पैर उठाया जाए। पैर उठाने में गलती ना हो – ज्योतिष यही सिखाता है।

यदि पिछले क्षण के पैर उठाने में कोई गलती रह गई थी तो उसे भी इस क्षण वाले फैसले से कैसे सुधारा जा सकता है यह भी ज्योतिष बताता है। पुराने कर्म जो भाग्य के रूप में बँध गए हैं उन्हें भी ज्योतिष ठीक करने के लिए दो – तीन स्तरों पर प्रयास करता है। पहले स्तर पर यह मंत्र – तंत्र, पूजा उपासना के माध्यम से आपके ऊर्जामण्डल को प्रबल बनाता है। दूसरे स्तर पर यह रत्नों और अन्य वस्तुओं का उपयोग करता है ताकि इस संसार की अन्य शक्तियों को यह आपके तालमेल में आपके साथ खड़ा कर सके। और तीसरे स्तर पर यह आपके भीतर एक Positivity भर देता है कि आप असहाय नहीं हो। आप अपने पुराने कर्मबंधन से छूट सकते हो। यह आपके आत्मविश्वास को जगा देता है। और यह तीसरा योगदान तो बिलकुल ही अनमोल है। यह मरते हुए व्यक्ति में भी साहस भर जाता है। वह भी उठ कर अपने उत्थान की कोशिश में लग जाता है। बुझता हुआ दिया फिर से रोशनी पकड़ लेता है। यही ज्योतिष की महानता है।

ज्योतिष इस समस्त ब्रह्माण्ड को एक इकाई की तरह मानता है। ज्योतिष बताता है कि कैसे यह जगत इस जीवन को और कैसे यह जीवन इस जगत् को प्रभावित कर सकते हैं या करने वाले हैं। जीव और जगत जो दो अनादि और अनन्त सत्ताएँ यहाँ हैं ज्योतिष उनके आपसी सम्बन्धों की बात करता है। यह विज्ञान इस बात को समझाता है कि जीवन की ऊर्जाओं के सही तालमेल से आप इस जगत के कठिन कामों को कैसे कर सकते हैं। कैसे आपकी आवश्यकताएँ पूरी की जा सकती हैं।

और यह केवल कल्पना नहीं है। सूर्य और चँद्रमा की ताकत समुद्र में हाई टाईड पैदा करती है। सूर्य के चारों और जब पृथ्वी अपनी एक परिक्रमा पूरी करती है तो वह हर पेड़ के तने में अंकित हो जाती है। उस तने में भी एक घेरा उभर आता है। हर साल एक नया घेरा। सूर्य पर हर 11वें वर्ष में ज्वालाएं तेज हो जाती हैं। जब जब यह सोलर साईकिल पूरी होती है तो मानवीय इतिहास में अधिक युद्ध और उन्माद पैदा होता है। ज्योतिष यही बताता है कि इस ब्रह्माण्ड की ताकतें आपको ऊपर प्रभाव डालती हैं और उस को आपके लिए उपयोग किया जा सकता है।

आप रोजाना देखते हैं, आपका चित्त आपके शरीर को प्रभावित करता है। आपका शरीर आपके चित्त को प्रभावित करता है। दोनों एक दूसरे को प्रभावित करते हैं। मेडीकल साईंस इसको समझाती है। जब जब शरीर में पीड़ा होगी व्याधि होगी मेडीकल विज्ञान उसका उपाय समझाएगा। इसी तरह यह जगत और उसमें व्याप्त चेतना एक दूसरे को कैसे प्रभावित करते हैं उसे ज्योतिष समझाता है। ज्योतिष इस सकल ब्रह्माण्ड का मेडीकल विज्ञान है। जब जब चेतन जगत में पीड़ा होगी, ज्योतिष उसको दूर करने का उपाय सुझाएगा। आपके ग्रह, नक्षत्र, रत्न, पुष्प, यंत्र सब इस संसार की व्याधियों के उपाय हैं।

इसी आधार पर अब हम ज्योतिष को भी अपनी भविष्य की चर्चाओं के विषय के रूप में अंगीकार करते हैं। हम क्रमशः ज्योतिष के उन सिद्धांतों पर भी चर्चा करेंगे जो आपके दैनिक जीवन को उन्नति दे सकते हैं। आपके यश, कीर्ती, धन-अर्जन और सफलता में सहायक या बाधक हो सकते हैं। क्या कारण आपके जीवन को मुश्किल बना रहे हैं। ज्योतिष का यह विज्ञान बहुत स्पष्ट विज्ञान है। यदि आप अपने बारे में किसी किसी विशिष्ट बात को पूछना चाहें तो This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. पर प्रश्न भेज सकते हैं।

यह पूरी Video यू ट्यूब के चैनल Light in Life by Pratap Shree पर उपलब्ध है। नीचे दिये गये लिंक को क्लिक करके आप पूरी Video को देख सकते हैं। यहाँ तो हमने आपके लिये एक छोटा सा क्लिप तैयार किया है।

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